Friday, 22 November 2019, 7:23 AM

धर्म एवं ज्योतिष

नवरात्रि में इसलिए खाते हैं ये फलाहार  

Updated on 3 October, 2019, 6:45
नवरात्रि में देवी की उपासना के साथ ही नौ दिनों के उपवास होते हैं इन दिनों फलाहार ही होता है। इन दिनों घर में सादे नमक की जगह सेंधा नमक और गेहूं के आटे की जगह  बल्कि सिर्फ कूटू का आटा या सिंघाड़े का आटा खाया जाता है। इसके पीछे... आगे पढ़े

विजदशमी पर होती है शस्त्रों की पूजा  

Updated on 3 October, 2019, 6:30
शारदीय नवरात्रि के दशवें दिन यानी आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरे का पर्व मनाया मनाया जाता है। इस बार दशहरा या विजयादशमी का पर्व मंगलवार 08 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, दशहरे के दिन ही भगवान राम ने लंका नरेश रावण का वध... आगे पढ़े

शिवतांडव स्तोत्र से मिलती है सिद्धि  

Updated on 3 October, 2019, 6:15
शिवतांडव स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करने से व्‍यक्ति को जिस किसी भी सिद्धि की महत्वकांक्षा होती है, भगवान शिव की कृपा से वह आसानी से पूर्ण हो जाती है। इस बारे में एक कथा से जाना जा सकता है। कुबेर व रावण दोनों ऋषि विश्रवा की संतान थे और दोनों... आगे पढ़े

भगवत गीता में छिपे हैं सभी सवालों के जवाब  

Updated on 3 October, 2019, 6:00
महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से जो बातें कहीं थीं उनका महत्‍व आज भी है। भगवत गीता के उपदेश आज भी मनुष्‍य जाति के लिए उतने ही प्रासंगि‍क हैं जितने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन के लिए थे। ऐसा माना जाता है कि इस दुनिया के सभी सवालों के जवाब... आगे पढ़े

नवरात्रि पर्व का चौथा दिवस- कुष्माण्डा 

Updated on 2 October, 2019, 6:15
सुरासम्पूर्णकलशं रूधिराप्लुतमेव च।  दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे।।  माँ दुर्गा जी के चौथे स्वरूप का नाम कुष्माण्डा है। अपनी मन्द, हल्की हँसी द्वारा अण्ड अर्थात् ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कुष्माण्डा देवी के नाम से अभिहित किया गया है। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, चारों ओर अन्धकार ही अन्धकार... आगे पढ़े

उत्सव है बुद्धत्व 

Updated on 2 October, 2019, 6:00
बुद्धत्व मौलिक रूप से प्रांति है, विद्रोह है, बगावत है। काशी के पंडितों की सभा प्रमाणपत्र थोड़े ही देगी बुद्ध को! बुद्धपुरुष तुम्हें पोप की पदवियों पर नहीं मिलेंगे और न शंकराचायरें की पदवियों पर मिलेंगे। क्योंकि ये तो परंपराएं हैं। और परंपरा में जो आदमी सफल होता है, वह... आगे पढ़े

नवरात्रि का तीसरा दिन- चन्द्रघण्टा  

Updated on 1 October, 2019, 6:15
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्राकैर्युता।  प्रसादं तने महां चन्द्रघण्टेति विश्रुता।।  माँ दुर्गा जी की तीसरी शक्ति का नाम ‘चन्द्रघण्टा’ है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधना किया जाता है। इनका यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घण्टे के आकार का अर्धचन्द्र हैं, इसी कारण से इन्हें चन्द्रघण्टा... आगे पढ़े

कृष्ण हैं परम पुरुष  

Updated on 1 October, 2019, 6:00
जीव तथा भगवान की स्वाभाविक स्थिति के विषय में अनेक दार्शनिक ऊहापोह में रहते हैं। जो भगवान कृष्ण को परम पुरुष के रूप में जानता है, वह सारी वस्तुओं का ज्ञाता है। अपूर्ण ज्ञाता परम सत्य के विषय में केवल चिन्तन करता जाता है, जबकि पूर्ण ज्ञाता समय का अपव्यय... आगे पढ़े

 दूसरा दिन- ब्रह्मचारिणी

Updated on 30 September, 2019, 6:45
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डल।  देवी प्रसीदतु कयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।  माँ दुर्गा की नव शक्तियें का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहाँ ‘ब्रह्म’ शब्द का अर्थ तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात तपकी चारिणी-तप का आचरण करने वाली कहा भी है- वेदस्यतत्त्वंतपो ब्रह्म-वेद, तत्त्व और तप ‘ब्रह्म’ शब्द के अर्थ हैं। ब्रह्मचारिणी देवी का स्वरूप पूर्ण ज्योतिर्मय एवं... आगे पढ़े

आसुरी शक्ति पर दैवीय शक्ति की विजय का पर्व

Updated on 30 September, 2019, 6:30
देवी दुर्गा की दया,से रोशन संसार । जिनसे मिलता है हमें,रक्षा का उपहार ।।" दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा की बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है। दुर्गा पूजा भारतीय राज्यों असम, बिहार, झारखण्ड, मणिपुर, ओडिशा, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में व्यापक... आगे पढ़े

गुरव शिव पुजारी ! 

Updated on 30 September, 2019, 6:15
शिव की सेवा पूजा कर अपना जीवन यापन करने वाला गुरव पुजारी कहलाया है, शैवधर्म का पालन करने वाला गुरव कहलाया है । नित सर्व प्रथम शिव का स्मरण करना ओर शिव को ही भजना, जपना ओर शिव को ही अपना सर्व जीवन समर्पित करना यह गुरव कर्म है। यही... आगे पढ़े

दिव्यता की विविधता  

Updated on 30 September, 2019, 6:00
ईश्वर ने दुनिया की छोटी-छोटी खुशियां तो तुम्हें दे दी हैं, लेकिन सच्चा आनन्द अपने पास रख लिया है। उस परम आनन्द को पाने के लिए तुम्हें उनके ही पास जाना होगा। ईश्वर को पाने की चेष्टा में निष्कपट रहो। एक बार परम आनन्द मिल जाने पर सब-कुछ आनन्दमय है।... आगे पढ़े

आज से शारदीय नवरात्र प्रारंभ, पढ़ें कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त

Updated on 29 September, 2019, 9:10
नई दिल्लीः मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र की शुरुआत आज से हो चुकी है. इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी. भक्तों की आस्था है कि बार किसी तिथि की हानि नहीं है. लिहाजा नवरात्र 9 दिन के होंगे. 29 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग,... आगे पढ़े

नवरात्री पर्व का प्रथम दिन-शैलपुत्री  

Updated on 29 September, 2019, 6:15
वन्दे वाञ्छितलाभय चन्द्रार्धकृत शेखराम् ।  वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम् ।।  मां दुर्गा अपने पहले स्वरूप में ‘शैलपुत्री’ के नाम से जानी जाती है। पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका यह ‘शैलपुत्री’ नाम पड़ा था। वृषभ-स्थिता इन माताजी के दाहिने हाथ में त्रिशुल और बाये हाथ... आगे पढ़े

 गुरु की स्वीकार्यता  

Updated on 29 September, 2019, 6:00
हर वक्त संसार को गुरु की दृष्टि से देखो। तब यह संसार मलिन नहीं बल्कि प्रेम, आनन्द, सहयोगिता, दया आदि गुणों से परिपूर्ण, अधिक उत्सवपूर्ण लगेगा। तुम्हें किसी के साथ संबंध बनाने में भय नहीं होगा क्योंकि तुम्हारे पास आश्रय है। घर के अन्दर से तुम बाहर के वज्रपात, आंधी,... आगे पढ़े

इस नवरात्रि बन रहा है दुर्लभ संयोग, पूजा का मिलेगा कई गुना फल

Updated on 28 September, 2019, 15:06
 नई दिल्ली ,Shardiya Navratri 2019- श्राद्ध या पितृ पक्ष के खत्म होते ही 29 सितंबर, रविवार से शारदीय नवरात्र आरंभ हो रहे हैं। हिंदू धर्म में नवरात्र का बहुत बड़ा महत्व  बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता कैलाश पर्वत से धरती पर अपने मायके आती हैं।... आगे पढ़े

सतोगुण और तमोगुण का फर्क 

Updated on 28 September, 2019, 6:15
सतोगुण में ज्ञान के विकास से मनुष्य यह जान सकता है कि कौन क्या है, लेकिन तमोगुण तो इसके सर्वधा विपरीत होता है. जो भी तमोगुण के फेर में पड़ता है, वह पागल हो जाता है और पागल पुरुष यह नहीं समझ पाता कि कौन क्या है! वह प्रगति करने... आगे पढ़े

पितरों का आशीर्वाद बेशक़ीमती होता है

Updated on 28 September, 2019, 6:00
"पितर हमारे पूज्य नित,नित्य रहें वे याद । उनके ही आशीष से,हैं हम सब आबाद ।।" "पूर्वज पूजा" की प्रथा विश्व के अन्य देशों की भाँति बहुत प्राचीन है। यह प्रथा यहाँ वैदिक काल से प्रचलित रही है। विभिन्न देवी देवताओं को संबोधित वैदिक ऋचाओं में से अनेक पितरों तथा मृत्यु की... आगे पढ़े

 प्रयत्न में ऊब नहीं 

Updated on 27 September, 2019, 6:00
संसार में गति के जो नियम हैं, परमात्मा में गति के ठीक उनसे उलटे नियम काम आते हैं और यहीं बड़ी मुश्किल हो जाती है। संसार में ऊबना बाद में आता है, प्रयत्न में ऊब नहीं आती। इसलिए संसार में लोग गति करते चले जाते हैं। पर परमात्मा में प्रयत्न... आगे पढ़े

अश्विन माह ओर उसका महत्व 

Updated on 26 September, 2019, 6:45
सनातन मान्यता के अनुसार वर्ष का सातवां महीना अश्विन माह होता है। यह महीना देव और पितृ दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने से सूर्य धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं। शनि और तमस का प्रभाव बढ़ता जाता है। इस महीने में भी शुभ कार्य करने की मनाही... आगे पढ़े

इन कारणों से माता लक्ष्मी की कृपा नहीं होती  

Updated on 26 September, 2019, 6:30
व्यक्ति अपने परिवार की खुशी के लिए कड़ी मेहनत करता है ताकि उसके घर में हमेशा सुख और समृद्धि बनी रहे। लेकिन जाने-अनजाने कई बार कुछ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से उनके ऊपर माता लक्ष्मी की कृपा नहीं हो पाती। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कई बार कुछ ऐसी... आगे पढ़े

रंगों का चुनाव सोच-समझकर करें  

Updated on 26 September, 2019, 6:15
वास्तु के अनुसार अपने घर की फ्लोरिंग के लिए रंगों का चुनाव सोच-समझकर करें क्योंकि रंग भी घर में भी रहने वाली सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा को प्रबावित करते हैं। घर में यदि सही रंगों का प्रयोग किया गया है तो घर में अच्छी ऊर्जा बनी रहती है।  पूर्व दिशा  पूर्व दिशा... आगे पढ़े

सर्वपितृ अमावस्या इसलिए मानी जाती है महत्वपूर्ण 

Updated on 26 September, 2019, 6:00
आश्विन मास वर्ष के सभी 12 मासों में खास माना जाता है। इस मास की अमावस्या तिथि तो और भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसकी सबसे बड़ी वजह है पितृ पक्ष में इस अमावस्या का होना। इस साल पितृपक्ष अमावस्या 28 सितंबर को शनिवार के दिन है। सर्वपितृ अमावस्या के... आगे पढ़े

नवरात्रि की शुरुआत 29 सितंबर से होगी

Updated on 25 September, 2019, 6:30
नवरात्रि पर्व की शुरुआत 29 सितंबर रविवार से होने जा रही है। गज (हाथी) पर सवार होकर शक्ति का आगमन वाहन समृद्धि और बारिश का संकेत देने वाला होगा। मां शक्ति की स्थापना के अवसर पर इस बार कई दुर्लभ संयोग भी बनेंगे। इस दिन ब्रह्मयोग के साथ मंगलकारी अमृत... आगे पढ़े

फेंगशुई से बदलें भाग्य  

Updated on 25 September, 2019, 6:15
अगर आप बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसकी वजह से अक्सर आपके घर में कलह का माहौल बना रहता है तो परेशान होने की जगह फेंगशुई के इन 3 पुराने सिक्कों से मदद लीजिए। आइए जानते हैं कैसे आप इन सिक्कों की मदद से अपने आस-पास की नकारात्मक... आगे पढ़े

वाणी का शरीर पर प्रभाव  

Updated on 25 September, 2019, 6:00
मानव शरीर में अनेक ग्रंथियां होती हैं,पियूष ग्रंथि मस्तिष्क में होती है, उससे 12 प्रकार के रस निकलते है, जो भावनाओं से विशेष प्रभावित होती हैं। जब व्यक्ति प्रसन्नचित होता है, तो इन ग्रनथियों से विशेष प्रकार के रस बहने लगते है, जिससे शरीर पुष्ट होने लगता है, बुद्धि विकसित... आगे पढ़े

 मौन का तन मन की सुन्दरता के लिये महत्व 

Updated on 24 September, 2019, 6:15
प्रत्येक मनुष्य सुन्दर एवं स्वस्थ्य रहना चाहता है। सुन्दरता एवं स्वस्थ्य का राज मौन मै छिपा हुआ है। सामान्यतŠ चुप रहना मौन है, प्राचीन पुराण बचन के साथ ईष्या, डाह, छल, कपट और हिन्सा को कम करना मोन होता है। मनोवैज्ञानिक ‘फ्रायड’ का कहना है कि जीवन अन्तर्द्वद्वी शृंखलाओं से... आगे पढ़े

श्राद्ध :  ऋण चुकाने का मौका 

Updated on 24 September, 2019, 6:00
पितृ ऋण यानि हमारे उन पालकों का ऋण जिन्होंने हमारे इस शरीर को जन्म दिया पाला-पोसा, बड़ा किया, योग्य बनाया एवं हमें इस लायक बनाया कि हम इस योग्य बन सके हैं जितने आज हैं। यह उनका हम पर ऋण है। इसलिए पितृ ऋण को प्रमुखता देते हुए हमारी संस्कृति... आगे पढ़े

हर संकट से मुक्ति दिलाएंगे धूप के 14 अचूक उपाय

Updated on 23 September, 2019, 6:45
हिन्दू घरों में धूप और दीप देने की परंपरा प्राचीनकाल से ही चली आ रही है। धूप देने से मन में शांति और प्रसन्नता का विकास होता है। रोग और शोक मिट जाते हैं। गृहकलह और आकस्मिक घटना-दुर्घटना नहीं होती। घर के भीतर व्याप्त सभी तरह की नकारात्मक ऊर्जा बाहर... आगे पढ़े

आप नहीं जानते होंगे श्राद्ध के रहस्य की ये 6 बातें

Updated on 23 September, 2019, 6:30
ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार देवताओं को प्रसन्न करने से पहले मनुष्य को अपने पितरों यानी पूर्वजों को प्रसन्न करना चाहिए। हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यतानुसार अगर किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण ना किया जाए तो उसे इस लोक से... आगे पढ़े